औटो वाला प्यार ……..

ज़िदगी की इस राह मे

वो शाम फिरसे आ गया

एक सामने बैठी लड़की से

हमे औटो मे फिरसे प्यार हो गया

साथ है बस कुछ पल का ही उसका

फिर भी हजारो ख्वाब बुन लेते है हम

एक सुबह की चाय से लेकर

शाम की वादियो तक की फ्हरियाद कर लेते है हम

नजरे मिलते ही जब बेचैन सा हुआ दिल

फिर दिल ने भी हल्के से कहा मुझे

तुझे औटो मे फिरसे प्यार हो गया

ना जाने कब तक का साथ है सफर

बस यहीं खयाल मन मे आता है

कहता है दिल तू एक कदम बढ़ा तो सही

मन की उलझन को छोर कही

एक बार हाथ आगे बढ़ा तो सही

यही सोचते सोचते फिर उसका मोर आ जाता है

फिर औटो वाला ख्वाब अधूरा सा वही रह जाता है

दिल मे कही एक आस उस वक़्त फिरसे आता है

दोबारा उसी से मिल्ने का फ्हरियाद ये खुदा से कर जाता है

फिर एक शाम नई सी आती है

फिर कोई परी नज़रो मे बस जाती है

फिरसे दिल बुनता हजारो ख्वाब है

कहता है चुपके से हमसे ये

फिरसे एक बार हुआ तुझे प्यार है

एक अजीब सी खुसी मिलती है इस सफर मे

एक अलग ही नशा है इस राह मे

ये तो बस औटो वाला प्यार है यार

औटो वाला प्यार है यार…………..

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