नई उमीदें

बित गई वो बाते सारी,
बित गया वो कल हमारा
लिखे हुए ऊन पन्नो पे,
मिट गया वो वजुद हमारा
बीते हुए इस साल मे हम,
पीछे छोर आये वो कल हमारा।
यादे भी है, बाते भी है,
जो कल मे हमने बनाये थे कभी
अच्छी, बुरी, और वो खत्टि, मीठी
इन बातो को संजोये, बढ चले इस नय कल सभी।
नये साल का नया ये पन्ना,
कुछ नई उमीदें लाया है,
बीते हुए उस कल के साथ
एक नया दौर भी आया है।

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