ज़िदगी की इस राह मे वो शाम फिरसे आ गया एक सामने बैठी लड़की से हमे औटो मे फिरसे प्यार…
____एक रिश्ता ऐसा भी हुआ____
एक रिश्ता ऐसा भी हुआ ना उसने कुछ कहा, ना इसने कुछ सुना फिर भी बाते करते रहे दोनो कुछ…
“हर मंज़िल आसान नहीं होती…”
एक कदम बढ़ा चला हु उस मंज़िल ओरे मैरस्ते नहीं है आसान पर बढ़ चला हु उस मै उस ओरेगिरूंगा…
“बाते है कई कहने”
बाते है कई कहने को उनसे पर अल्फ़ाज़ नहीं है हमारे पास यादे कई है उनकी हमारे दिल में पर…
जीता तो पहले भी था ……
सांसो में तेरी चाहत भर लाया हूँ ज़िन्दगी तेरे नाम कर लाया हूँ जीता तो पहले भी था अब ज़िन्दगी…