तुम हो पास मेरे

जब मैं था अकेला पड़ा कही,
तब तुमने हाथ बढ़ाया था
लड़ रहा था जब खुद से मैं ,
तब तुमने साथ निभाया था।
पूछते हैं लोग हमसे, क्या आज भी तन्हा हो तुम
हमने भी कह दिया, तन्हा तो हम थे यार
अब तो इक वो है हमारे साथ, हा तुम हो मेरे पास ।

जब दर्द छिपाया हमने सबसे अपना
तब वो एक संग रहा अपना।
जब दुनिया बस हाल पूछ बढ़ जाती आगे
तब हर रात जागकर वो साथ थे हमारे।
जब हंसी देख लोग मेरे ख़ुशी मन लेते
तब वो चुपके से आकर दर्द पूछते हमारे,
और मेरे उलझनों को सुलझाने की हर मुमकिन कोशिश करता
सब कहते है क्या अकेले सब झेल लिया तुमने
हमने भी कह दिया, मैं कभी भी अकेला नहीं
जब तुम हो मेरे पास, हा तुम हो मेरे पास ।

जब जब मैं टूट कर बिखरने से होता
हर पल वो आकर मोती सा मुझे धागों में पिरो लेता
जब वी तन्हाईओं में डूबा चला जाता
उस पल वो गोताखोर बन मुझे वहां से
ख़ुशी के समुंदर में लाने की कोशिश करता
अब ग़म नही किसी का बात हमें
हर मुसीबत पर लेंगे बस साथ उनके
डर नी किसी बात का हमें, जब तुम हो पास मेरे
तुम हो पास मेरे, हा तुम हो पास मेरे।

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