जब मैं था अकेला पड़ा कही,तब तुमने हाथ बढ़ाया थालड़ रहा था जब खुद से मैं ,तब तुमने साथ निभाया … More
Author: Sushant
” मै तलाशता हूँ खुद को “
मै तलाशता हूँ खुद को, इस अंधेरे में कहीं। कभी इन अनजान रास्तों में, तो कभी खुद में ही कहीं। … More
“you are” / “तुम हो”
Sometimes you are in the drifting evening,And sometimes in the beautiful sunshine of the morning.Somewhere in the corner of this … More
“I remember the time…”
I remember the time, when I first noticed youI remember the time, the moment I tried to talk to youWhen … More
रास्ते भी वही थे,
रास्ते भी वही थे, वो मोड़ भी वही था।वो यादें भी तुम्हारी वही हैं, वो हंसना, वो रोना भी वही … More
कुछ तो बात है,
कुछ तो खास बात थी उस शांम मेकुछ तो अलग ही सुकून था उन राहो पेशायद इसिलिए आज भी हर … More
वो एक शाम यारो के नाम
एक अन्जाना सफर हुआ शुरु कुछ यारो के संगचल परे हम साथ जहा ना कोई अपना था, ना कोई साथ … More
क्या समझ पाओगे तुम
फोन पे तेरा नाम देख के धारकनो का तेज हो जाना,तेरे एक मैसेज के जवाब मे पुरे दिन इन्तज़ार करनाकी … More
क्या बता दू तुम्हे मै
क्या बता दू तुम्हे मै,की तेरी मुस्कुराहट मे एक अलग ही सुकून है,तेरे पास होंने पे एक अलग ही ठेहराओ … More
“मान लिया मैंने तू सही, मै गलत”
चलो मान लिया मैने तू सही, तेरी हर बात सही मान लिया की तेरे आशू की वजह भी मै तेरे … More